आधी रातों की वें आधी बातें आधी बातों के वें अधूरे किस्से, अधूरे किस्सों के थमे हुए सि आधी रातों की वें आधी बातें आधी बातों के वें अधूरे किस्से, अधूरे किस्सों के थमे...
सावन की बरसे बदरिया माँ की भीगे चुनरिया। सावन की बरसे बदरिया माँ की भीगे चुनरिया।
फिर से उडूंगी मैं एक नई सूरत के साथ , जो पहले से भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है! फिर से उडूंगी मैं एक नई सूरत के साथ , जो पहले से भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है!
निर्माण हूँ ध्वंस भी म्यान से निकली प्यासी तलवार हूँ मैं! निर्माण हूँ ध्वंस भी म्यान से निकली प्यासी तलवार हूँ मैं!
अंकल थे ना, देदी पप्पी। इसमें उन्होंने ले ली मेरी पप्पी ।। अंकल थे ना, देदी पप्पी। इसमें उन्होंने ले ली मेरी पप्पी ।।
होती है जब कोई अनहोनी, प्रतीत अपनत्व सहारा होता है। होती है जब कोई अनहोनी, प्रतीत अपनत्व सहारा होता है।